बहुत हुई,,ये आजादी
गद्दारों की पत्थरबाजी,,
श्वानों का कैसा मानवाधिकार
निर्धारण हो,
अब की बार श्रीनगर में परमाणु
परीक्षण हो,,,
Saturday, June 16, 2018
परमाणु
Wednesday, June 13, 2018
Thursday, June 7, 2018
Sunday, June 3, 2018
दाम चुकाना पड़ेगा
दुनिया मे दाम ,,,तो चुकाना ही पड़ता है,,औऱ फिर वो खेल का बचा दाम हो तो ,,गडूला,,, मौसम आधारित एक भयंकर तकनीकी खेल था,,पहली मानसूनी फुहार से भीगी माटी पर लोहे की छोटी छड़ गड़ाते ,,चलते चलो,,जिसकी छड़ गिरी ,,वो दूसरे की छड़ जंहा तक जाती वँहा से दाम देता,,दाम भी क्या,,ईईईईईईईई चिल्लाते,,, एक टांग की लँगड़ी,,,
दीपू मुहल्ले में आया नया मुर्गा था,,गडुला की दुनिया मे भी न्यू कमर ,,सो फंस गया,,सुंदर नगर की गली को छेदते खेल की छड़ महादेव घाट के खेतों की ओर बढ़ने लगी,, दीपू पराजित होकर विजेता की छड़ गिरने का इंतजार करता रहा,,पर जैसे सचिन तेंदुलकर के जैसे माहिर खिलाड़ी ,,पिच के मिजाज को देख कर बल्ला घुमाते है वैसे ही ,,,,पिंचू की छड़ गीली माटी खोजती गई ,,धसती गई ,,पीछे मोहल्ले के चिढ़ाती औऱ हर्सोल्लास से भरी बच्चों की फौज,,,,,अबे दीपू ,,पूरा दाम दे ल पड़ही,,,,,पिंचू नई,,,छोड़े,,
दीपू का धैर्य आखिर टूट गया,,,भाई शाम हो गई है,,मेरी मम्मी मारेगी ,,बस,,,पिचू पलटा,, वैसे तो मैं खारुन नदी भी पार करा दुहुँ,, फेर तै नवा हस,,तो चल यही ले दाम छूट दे,,ये तात्कालिक विकट परिस्थितियों में एक बड़ी राहत की खबर थी,,,,दीपू ने लँगड़ी जमाई औऱ फिर ईईईईईईईई, ईईईईईईईई,,,पीछे दौड़ती रेफरियों की फौज,,,बेइज्जती की भयंकर नुमाइश के बीच सूरज ढल गया,,,औऱ दीपू को अगले दिन शाम तक की मोहलत मिली ,,बचे दाम चुकाने को,,
वो दिन था,,जब दीपू औऱ उसके घर वाले भी गडुला के भयंकर प्रभाव को समझ गए,,बचा दाम देने वास्ते,, दीपू घर से फिर बाहर नही निकला,,,पिंचू के कर्ज के ख़ौफ़ में,,दिन बीते दीपू का परिवार दूसरे मुहल्ले बस गया,,फिर सुना दीपू डाक्टर भी बन गया,,था,,,,एक रोज उसकी क्लिनिक में बीमार पिंचू पहुचा,,भाई पहचान गया तू मेरे को,,,,पिचू खुश था,,डाक्टर,साहब भी,,गडुला की उस छड़ के पुराने हिसाब के बदले वो पिंचू को इंजेक्शन घोप रहे थे,,,और फिर जब बात आई फीस की तो डॉक्टर दीपू बोले,,,भाई अब जा के कट पिट हो गया,, पुराना दाम चूक गया था,,,,
अनुभव
Sunday, May 27, 2018
निर्वाचन
निर्वाचन प्रथम
दिल ऊब गए पँचनामो से
नामान्तरण औ बंटवारों से
लो कूक उठे है ई वी एम
कहते हुए,,निर्वाचन प्रथम
अब कुछ दिन भूलो 18,4
मैदान में आये ,,6,,7,,8
खसरों ,बी 1 की दुनिया से
रिटर्न हुए रिटर्निंग अफसर
अनुभव
Friday, May 18, 2018
Saturday, May 12, 2018
प्रोटोकाल
रविवार की छुट्टी थी
प्रोटोकाल मेंड्यूटी थी
कोई बत्ती आने वाली थी
फिर बत्ती बरसाने वाली थी
कोर्ट केस क्यू लम्बित है
जनता बेहद क्रोधित है
गाली खाने के पहले
भजिये तलवाते बैठा हूँ
रेस्ट हाउस संडास में
नए नलके लगवाते बैठा हूँ
समर्थकों को शिकायत थी
देशी मुर्गे का लंच हुआ
काजू पिस्ता संग चाय बटी
पीकर ही शांत लोकतंत्र हुआ
गार्ड को आनर की बोतल
ड्राइवर की डीजल की पर्ची
Sunday, January 7, 2018
संजू
मेरे अजीज तू कब गया है छोड़ कर
यूँ लगे मुस्कुराता खड़ा है उस मोड़ पर!!
हमारे किस्से आज भी उड़ते है साथ साथ
नीली पतंग के जो चुराई थी माँजा तोड़ कर
तेरे कमाल से आज भी फिसलती है उंगलिया
औऱ वो गोटियां जो बच गई कैरम के बोर्ड पर
मैं मैं तो हु और तू भी मुझमे रहता है
हमारे बचपन की चादर को ओढ़ कर,,,,
जन्म दिन की बधाई,, संजू भाई