Saturday, October 8, 2011

एक भ्रस्टाचारी आत्मा की आवाज ,,,,,,,,,,


एक भ्रस्टाचारी आत्मा की आवाज  ,,,,,,,,,,

सबका कमीशन फिक्स है,,लोकशाही में
रंग मत चढाओ,,मेहनत की कमाई में ..(काला,सफ़ेद )

जिसे भ्रस्टाचार कहते हो ,,वो सबसे बड़ी सच्चाई है ,,
जिसका हिस्सा तय नहीं ,, उसी ने आवाज उठाई है ,,

जो  मूरख है  ,,,बदलने की बात करते है ,,
सफल वो है ,,,जो व्यवस्था  के साथ चलते है ,,

आन्दोलन और अनशन से ,,खाक कुछ बदलेगा ,,
ना पहले कुछ बदला है,,ना आज कुछ बदलेगा ,,,


अनुभव

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