Friday, May 14, 2021

प्रिये,,,कातर हृदय से
स्वयम की समस्त सम्वेदनाएँ समेटे
वर्ष भर,,आज के ही वास्ते
शनैः शनै स्मृतियों को सहेजते
बैठता हु,,की आज हमारे पाणिग्रहण की उक्त संध्या में,,हमारे इष्टजनों ने,,तुम्हारे समस्त दायित्व मुझे,,और मेरे समस्त कर्तव्य तुम्हे समर्पित करते हुए,,सात जन्मों के लिए
श्रेष्ठ दान ,,,कन्या दान अर्पित किया,,मैं कृतार्थ हो गया,,,यद्यपि इस यात्रा में हम यायावर से नि योजित हुए परन्तु आज हमारे कुटुम्ब में परिणय की 


Thursday, May 6, 2021

टीका

टीका,,,,
टेका दे टीका ,,जेवनी हाथ मा
बेधा ले टीका,, बहिनी हाथ मा
जर बुखार ल ,,खखार दे
जहौर ताय ,,करू करोना
कलेश ले पहिली ,,कचार दे

चुट ले चाबे कस चांटी मांटरा
सूजी ताय ओ ,,जा तै साँकरा
स्वास्थ्य केंद्र मा,, सरकार दे
घेरी बेरी के,, झँझन्ट छूटे
टेंशन के मुहु ल,, टार दे

दु टीका के टेकावन दे के
अपन दुवारी छेकावन दे के
माखी ल पहिली मार दे
तँहू लगा औ उहू ल बता
फेर!! स्वस्थ्य गावँ घर बार दे

अनुभव












Sunday, February 14, 2021

डिजिटल उपवास,,,

मानव इन दिनों ऑक्सीजन भरोसे बस सांसे नही ले रहा,,उसे अब डेटा भी चाहिए,,,जिंदा रहने के लिए,,,इंटरनेट और मोबाइल की डंडियां,,, ई सी जी ,सी  दिल की धड़कनो को दिखाती है,,,,बिस्तर से उठने के पहले,,,मैसेज चेक होते है,,,खराब मेसेज ,,का प्रथम दर्शन ,,पूरा दिन खराब कर सकता है,,,,,,मोर्निंग वाक

Saturday, January 30, 2021

दफ्तर

दफ्तर ,,
ईंटो से नही फाइलों से बनता है,,आदिम धूल से सने,,,पीले पन्नो को किसी तरह लाल धागे से बांध कर,,फूटने से रोका जाता है,,इस बन्धन की गांठ में कई गुजरे अधिकारी ,,कर्मचारी के हस्ताक्षर कब्र के मुर्दो से धीरे धीरे सड़ते गलते है,,,आवेदक का आवेदन ,,,यानि वो बीज,,जिससे ये मोटा,, दरख़्त फला फुला,,खोजे नही मिलता,,,,मिलता है सिर्फ  पन्ने दर पन्ने  फैला सत्यम ,,शिवम सुंदरम सा ,,वाक्य,,प्रस्तुत करें,,,अबे !! अब और क्या प्रस्तुत करें,,,
    खैर ,,,फाइल के अलावा दफ्तर में टेबल भी होती है जिसमे टेबल टेनिस जैसे भावनाओ को इधर से उधर उछाला जाता है,,काम कब होगा,,,होगा,,कैसे होगा,,ऐसे होगा,,साहब कब आएंगे,,कल आएंगे,,दूसरी ओर का खिलाड़ी मंजा हुआ बाबू होता है,,,जिसका हर जवाब टेबल में स्पिन लेकर दूसरी ओर मुड़ जाता है,,

Saturday, November 14, 2020

जायके को लेकर हर इक राय जुदा होती है,,खालिस देशी रोटी भात  का आशिक चीनी न्यूडल्स ,,और इतालवी पिज़्ज़ा को फिरंगी तहजीब वाली हिकारत से देखता है,,,पर पर्सियन समोसे ,,कचोरियों के चटखारे लेने से नही चूकता,, आखिर हजार बरसों का साथ जो है,,,,,मैकडॉनल्ड के फ्रेंच फ्राई किसी हाल में देशी नही है,,,पर मेथी आलू संग पूरी के बिना,,कोई भारतीय रेल यात्रा पूरी नही होती,,आलू भी कमबख्त पुर्तगालियो की पांच सौ बरस पुरानी सौगात ही तो है,,उस हरी लाल मिर्च के जैसे,,जिसकी छोंक के बिना भारत की कोई भी करी ,,मरी हुई ही होगी,,,हमारी काली मिर्च तो दक्कन के उस पार साम्भर ,,में ज्यादा महकती है,,,इन रंग भेदों के साथ,,ही छेत्रवाद का शिकार भी लज़्ज़त की दुनिया को
     

Tuesday, October 13, 2020

जायके को लेकर हर इक राय जुदा होती है,,खालिस देशी रोटी भात  का आशिक चीनी न्यूडल्स ,,और इतालवी पिज़्ज़ा को फिरंगी तहजीब वाली हिकारत से देखता है,,,पर पर्सियन समोसे ,,कचोरियों के चटखारे लेने से नही चूकता,, आखिर हजार बरसों का साथ जो है,,,,,मैकडॉनल्ड के फ्रेंच फ्राई किसी हाल में देशी नही है,,,पर मेथी आलू संग पूरी के बिना,,कोई भारतीय रेल यात्रा पूरी नही होती,,आलू भी कमबख्त पुर्तगालियो की पांच सौ बरस पुरानी सौगात ही तो है,,उस हरी लाल मिर्च के जैसे,,जिसकी छोंक के बिना भारत की कोई भी करी ,,मरी हुई ही होगी,,,हमारी काली मिर्च तो दक्कन के उस पार साम्भर ,,में ज्यादा महकती है,,,इन रंग भेदों के साथ,,ही छेत्रवाद का शिकार भी लज़्ज़त की दुनिया को
     

Wednesday, September 16, 2020

खेत मे धान ज्यों बढ़े,,तब माहू आया,,हरा फिर भूरा,,,कीटनाशक छींट कर माहू से मुक्ति तो हो ली,,पर धान अब रसायन से लतपथ था,,,यही चावल शरीर को स्टार्च देगा,,हमारी कोशिकाओं तक रसायन की दखल,,,ये एक रासायनिक युद्ध है,,,आपके और मेरे ऊतकों में ज़हरीली रसायन की परतें चढ़ी जा रही है,,,शासन मजबूर है सब्सिडी को,,उर्वरकों ,,कीटनाशकों ,,के रूप में उत्पादक किसानों तक पहुचाने के लिए,,किसान मजबूर है,,,बाज़ार की मांग पे धान उगाने के लिए,,जहर ऊगा कर हम जहर हजम कर रहे है,,,आखिर ये चक्र कैसे टूटे,,,
             दिपावली में आपके घर जो रोशनी होती है,,उसपर माहू धान का रस पीकर मंडराते है,,,